कोरोना संकट और लॉकडाउन में बढ़ा साइबर क्राइम, 90 फीसदी से ज्यादा का इजाफा

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मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 17 जुलाई 2020 | जयपुर : कोरोना काल में राजधानी में अपराध का ट्रेंड साइबर क्राइम की तरफ तेजी से बढ़ा। साइबर क्राइम में भी सबसे ज्यादा मामले डेबिट-क्रेडिट कार्ड से जुड़े धोखाधड़ी के रहे। कोरोना काल में ऑनलाइन बैकिंग का क्या बढ़ी, साइबर बदमाशों ने ऑनलाइन वारदात बढ़ा दी। दिल्ली में खासतौर से ऑानलाइन धोखाधड़ी में डेबिट, क्रेडिट कार्ड, ई-वॉलेट से संबंधित, कॉलिंग व फिशिंग के जरिए और इंटरनेट बैंकिंग संबंधित धोखाधड़ी से जुड़े अपराध बढ़े हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देश में लॉकडाउन लागू किया गया, लेकिन इस दौरान साइबर अपराधियों की चांदी रही। लॉकडाउन के दौरान राजधानी दिल्ली में साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ा। एक ओर जहाँ लॉकडाउन में लोगों ने ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन लेनदेन की तो वहीं साइबर अपराधियों ने इसे अपना हथियार बना डाला। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में जितने साइबर अपराध होते हैं, उनमें से 57 फीसदी हिस्सा फिशिंग ई-मेल या सोशल इंजीनियरिंग का होता है। इस तरह के क्राइम में लोगों या कंपनियों को फिशिंग ई-मेल या मैसेज भेजे जाते हैं और जैसे ही उस मेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक किया जाता है, तो सारी निजी जानकारी साइबर अपराधी हासिल कर लेता है। इसके बाद वह आसानी से रुपये उड़ा ले जाता है। दिल्ली में टॉप-5 मामले डेबिट/क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी के मामले – 21% ई-वॉलेट संबंधित धोखाधड़ी के मामले – 16% धोखाधड़ी कॉल/विशिंग के मामले – 13% इंटरनेट बैंकिंग संबंधित धोखाधड़ी के मामले – 7.4% नकली प्रोफाइल से वारदात – 6% अन्य प्रकार के (मिसलेनियस) -36.6% इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉकडाउन के दौरान साइबर अपराध को लेकर आने वाली शिकायतों में करीब 90 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। वहीं पिछले साल की तुलना में इस साल ऐसे साइबर अपराध को लेकर आई शिकायतों में भी करीब 40 फीसदी से ज्यादा इजाफा हुआ है। इस साल दोगुने से ज्यादा बढ़ गयी वारदात वर्ष कुल मामले 2020 (15 जून तक) – 12,999 2019 (15 जून तक) – 5761 साइबर एक्सपर्ट की राय जाने-माने साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल का कहना है कि ज्यादातर लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल तो कर रहे हैं, लेकिन साइबर सुरक्षा से जुड़ी सावधानी नहीं बरत रहे हैं। साइबर अपराधियों से बचने के लिए जरूरी है कि डिजिटल सावधानी का पर पूरा ध्यान दें। सिक्योरिटी फीचर्स का खास ख्याल रखें। पुलिस की क्या है एडवाइजरी किसी भी संदिग्ध ई-मेल को खोलने से बचें और सोशल मैसेजिंग ऐप सहित अन्य दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से आने वाली सूचनाएँ और लिंक को बिना जांच-पड़ताल के नहीं खोलें। सोशल मीडिया और बैंकिंग गतिविधियों के लिए मजबूत पासवर्ड और बहुस्तरीय विकल्प का उपयोग करें। किसी अनजान से व्यक्तिगत डिटेल न साझा करें। एंटीीवायरस सॉफ़्टवेयर सहित अपने सॉफ़्टवेयर को अपडेट रखें। ऑनलाइन सुरक्षित रहने के तरीके के बारे में अपने परिवार, विशेषकर अपने बच्चों को शिक्षित करें मदद के नाम पर किसी भी संस्था को पैसे दान करने से पहले चैरिटी फंड से जुड़ी उस संस्था की जांच-पड़ताल जरूर करें। किसी ईमेल, लिंक, वेबसाइट या फिर फोन कॉल पर आपको थोड़ा भी संदेह हो तो तत्काल दिल्ली पुलिस को सूचित करें। दिल्ली में खासतौर से ऑानलाइन धोखाधड़ी में डेबिट-क्रेडिट कार्ड, ई-वॉलेट से संबंधित, कॉलिंग व फिशिंग के जरिए और इंटरनेट बैंकिंग संबंधित धोखाधड़ी से जुड़े अपराध बढ़े हैं। पुलिस को मिली शिकायतों में वित्तीय धोखाधड़ी की करीब 50 फीसदी से ज्यादा शिकायतें आई हैं, जबकि ऑनलाइन उत्पीड़न को लेकर 20 फीसदी, बाकी दूसरे प्रकार की भी 20 फीसदी शिकायतें पुलिस के पास आयी हैं। पुलिस को जो शिकायतें मिली हैं उनमें 60 फीसदी से ज्यादा शिकायतें ऑनलाइन ही मिली हैं। इसकी वजह ये रही कि लॉकडाउन के दौरान लोगों ने पुलिस के पास जाने के बजाए फोन से संपर्क कर ईमेल पर ही शिकायत भेजी। पिछले साल की तुलना में इस साल साइबर अपराध के मामलों में करीब 49 फीसदी ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। लॉकडाउन से पहले आईं शिकायतें 2020 जनवरी——– 1260 2020 फरवरी——— 1849 2020 मार्च(24 तक)– 900 कुल शिकायत——— 4009 लॉकडाउन के बाद आई शिकायतें 25 मार्च से 30 अप्रैल तक—-3858 2020 मई——– 3430 2020, 15 जून — 804 ऐसे में दिल्ली पुलिस का साफतौर पर यही कहना है कि किसी भी संदिग्ध ई-मेल को खोलने से बचें और सोशल मैसेजिंग ऐप सहित अन्य दूसरे ऑनलाइन माध्यमों से आने वाली सूचनाएं और लिंक को बिना जांच-पड़ताल के नहीं खालें। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया और बैंकिंग गतिविधियों के लिए मजबूत पासवर्ड और बहुस्तरीय विकल्प का उपयोग करें। किसी अनजान शख्स से व्यक्तिगत डिटेल न साझा करें।

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