सुप्रीम कोर्ट का निर्णय दोबारा नहीं होगी नीट परीक्षा

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 23 जुलाई 2024 | जयपुर : नीट मामले में आज फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। पिछली सुनवाई में ज्यादातर दलीलें पेश कर दी गई थीं और बेंच ने सभी याचिकाकर्ताओं के वकीलों से सबमिशन ले लिए थे। आज आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट सौंपी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय दोबारा नहीं होगी नीट परीक्षा

इसी के साथ ये उम्मीद जताई जा रही है कि आज सुप्रीम कोर्ट नीट पर फैसला सुना देगा। सर्वोच्च न्यायालय में जो कुछ भी होगा, उसका पूरा लाइव अपडेट आपको इस खबर में मिलता रहेगा। सुप्रीम कोर्ट मेडिकल प्रवेश परीक्षा के आयोजन में अनियमितताओं और कदाचार का आरोप लगाने वाली 40 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई हुई। शीर्ष अदालत ने कहा कि पेपर लीक हुआ है, इसमें कोई विवाद नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय दोबारा नहीं होगी नीट परीक्षा

कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है। पुन: परीक्षा याचिका खारिज होने के साथ, स्नातक मेडिकल प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया कल, 24 जुलाई से शुरू होने की संभावना है। पिछली सुनवाई में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा अस्थायी तिथि साझा की गई थी।

लाइव अपडेट

06:07 PM, 23-JUL-2024

NEET UG Counselling: कल से शुरू हो सकती है नीट यूजी काउंसलिंग

NEET UG पुन: परीक्षा याचिका खारिज होने के साथ, स्नातक मेडिकल प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया कल, 24 जुलाई से शुरू होने की संभावना है। पिछली सुनवाई में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा काउंसलिंग की यह अस्थायी तिथि साझा की गई थी।

05:44 PM, 23-JUL-2024

NEET-UG 2024 Live Updates: नीट यूजी परीक्षा दोबारा नहीं होगी आयाजित

सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने नीट की दोबारा परीक्षा कराने से इनकार कर दिया है। 

  • दो स्थानों पर लीक की पुष्टि- सुप्रीम कोर्ट ने पुष्टि की कि नीट- यूजी 2024 पेपर लीक पटना और हजारीबाग में हुआ।
  • सीबीआई जांच जारी रहेगी- केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) आगे की जानकारी उजागर करने के लिए पेपर लीक के मामले में अपनी जांच जारी रखेगी।
  • काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रियाएं जारी रहेंगी- न्यायालय ने काउंसलिंग और अन्य प्रवेश प्रक्रियाओं को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रखने की अनुमति दी है। इसने यह भी संकेत दिया है कि इसी तरह के मुद्दों को संबोधित करने और रोकने के लिए परीक्षाओं के भविष्य के संचालन के लिए दिशानिर्देश प्रदान किए जाएंगे।
05:37 PM, 23-JUL-2024

NEET UG Hearing: कोर्ट ने नीट के लिए विशेषज्ञ समिति को दी मंजूरी

भारत के मुख्य न्यायाधीश ने नीट-यूजी परीक्षा प्रक्रिया को मजबूत करने और भविष्य की समस्याओं को रोकने के लिए संघ द्वारा सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन पर गौर किया। न्यायालय ने एनटीए द्वारा स्थानांतरण याचिकाओं का निपटारा कर दिया है और समिति को न्यायालय द्वारा जारी किसी भी अन्य निर्देश का पालन करने का निर्देश दिया है।

05:34 PM, 23-JUL-2024

NEET UG: क्या नीट परीक्षा दोबारा होगी?

नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आज घोषणा की कि नीट दोबारा परीक्षा नहीं होगी क्योंकि ‘रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर इस अदालत द्वारा प्रतिपादित तय सिद्धांतों को लागू करने पर पूरी परीक्षा को रद्द करने का आदेश देना उचित नहीं है।

05:32 PM, 23-JUL-2024

NEET UG Hearing: आईआईटी दिल्ली का फैसला मान्य

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने पुष्टि की कि आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ निर्णय के बाद, विकल्प 4 को नीट यूजी परीक्षा में प्रश्नांकित आइटम के सही उत्तर के रूप में पुष्टि की गई है। एनटीए इस निष्कर्ष के आधार पर परिणामों का दोबारा मिलान करेगा। प्रक्रियात्मक अखंडता बनाए रखने के लिए प्रश्न संख्या का खुलासा नहीं किया गया था।

05:21 PM, 23-JUL-2024

NEET UG: दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग वाली सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
05:15 PM, 23-JUL-2024

NEET UG Hearing: दोबारा परीक्षा की मांग वाली याचिका खारिज

रिकॉर्ड पर उपलब्ध आंकड़े प्रश्नपत्र के व्यवस्थित लीक होने का संकेत नहीं देते, जिससे परीक्षा की पवित्रता में व्यवधान उत्पन्न होने का संकेत मिलता हो। सुप्रीम कोर्ट ने NEET UG दोबारा परीक्षा कराने और रिजल्ट रद्द करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है।
05:11 PM, 23-JUL-2024

NEET UG Hearing: परीक्षा के परिणाम दूषित थे इस बात का कोई सबूत नहीं

कोर्ट ने कहा है कि इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि परीक्षा के परिणाम दूषित हुए हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि वर्तमान स्थिति में, रिकॉर्ड में ऐसी कोई सामग्री नहीं है जो यह दर्शा सके कि परीक्षा के परिणाम दूषित थे या परीक्षा के संचालन में कोई प्रणालीगत उल्लंघन हुआ था।

05:09 PM, 23-JUL-2024

NEET UG Hearing: पटना और हजारीबाग में हुआ है पेपर लीक

सीजेआई ने कहा, पटना और हजारीबाग में लीक होने पर कोई विवाद नहीं है। सीबीआई के खुलासे से पता चलता है कि जांच अभी भी पूरी नहीं हुई है, लेकिन पटना और हजारीबाग के अभ्यर्थी लीक से लाभान्वित हुए प्रतीत होते हैं।
05:09 PM, 23-JUL-2024

NEET UG Hearing: 23 लाख से अधिक छात्रों के करियर का सवाल

आदेश सुनाते हुए CJI ने कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाया गया मुख्य मुद्दा यह है कि दोबारा परीक्षा का आदेश दिया जाना चाहिए क्योंकि पेपर लीक हुआ था और परीक्षा के संचालन में प्रणालीगत कमियां थीं। वर्तमान जैसे मामले में, यह जरूरी है कि इस विवाद को तत्काल निश्चितता और अंतिमता प्रदान की जाए, क्योंकि इससे 23 लाख से अधिक छात्रों का करियर प्रभावित होता है।

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राजस्थान में कोचिंग स्टूडेंट की आत्महत्या रोकने, कोचिंग सेंटर कंट्रोल के बिल को कैबिनेट की मंजूरी

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 09 मार्च 2025 | जयपुर :  प्रदेश में कोचिंग स्टूडेंट की आत्महत्या रोकने और कोचिंग सेंटर पर कंट्रोल के लिए सरकार बिल लायेगी। सीएम भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन बिल 2025 को मंजूरी दी गई है। विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में ही इस बिल को पारित करवाने की तैयारी है।

राजस्थान में कोचिंग स्टूडेंट की आत्महत्या रोकने, कोचिंग सेंटर कंट्रोल के बिल को कैबिनेट की मंजूरी

बिल के प्रावधानों के मुताबिक 50 या इससे ज्यादा विद्यार्थियों वाले कोचिंग सेंटर्स को कानूनी दायरे में लाया जायेगा। 50 या इससे ज्यादा स्टूडेंट वाले कोचिंग सेंटर्स को रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। प्रदेश में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट कंट्रोल्ड एंड रेगुलेशन अथॉरिटी का गठन किया जायेगा। उच्च शिक्षा विभाग के प्रभारी सचिव इस अथॉरिटी के अध्यक्ष होंगे।

कोचिंग सेंटर कंट्रोल के बिल को कैबिनेट की मंजूरी

पोर्टल और एप बनेगा

कोचिंग सेंटर्स पर मॉनिटरिंग और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए एक राज्य स्तरीय पोर्टल और काउंसिलिंग के लिए हेल्पलाइन भी बनाई जाएगी। इस बिल के कानून के बाद हर कोचिंग सेंटर को रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य हो जायेगा।

कोचिंग सेंटर्स पर निगरानी बढ़ेगी, फीस लौटाने के प्रावधान भी होंगे

बिल में कोचिंग सेंटर्स पर निगरानी और नियंत्रण के कड़े प्रावधान होंगे। कोचिंग सेंटर्स मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे। स्टूडेंट्स को तनाव मुक्त माहौल देना होगा। स्टूडेंट की मेंटल हेल्थ को ध्यान में रखना होगा। बीच में कोचिंग छोड़ने वाले स्टूडेंट्स को फीस लौटाने के प्रावधान भी बिल में शामिल होंगे। जोगाराम पटेल ने कैबिनेट के के फैसलों के बारे में जानकारी दी।

नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और संपत्ति जब्त करने तक के प्रावधान

कोचिंग सेंटर पर कंट्रोल वाले बिल में नियमों के उल्लंघन पर कड़ी करवाई का प्रावधान है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा- कोचिंग में पढ़ने वाले युवाओं में जिस तरह का तनाव बढ़ रहा था और जो घटनाएं हो रही थी, वो चिंताजनक थी। बिल में कोचिंग सेंटरों की मान्यता रद्द करने, भारी जुर्माना लगाने और लैंड रेवेन्यू एक्ट के हिसाब से जब्ती तक के प्रावधान होंगे।

जोगाराम पटेल ने कैबिनेट के के फैसलों के बारे में जानकारी दी।

राज्य की नई कौशल नीति को मंजूरी, नीति में कई प्रावधान

कैबिनेट ने राज्य की नई कौशल नीति को मंजूरी दी है। इस नीति के अनुसार इंडस्ट्री की मांग के अनुसार कुशल प्रोफेशनल और कामगार तैयार किए जायेंगे। युवाओं को इंडस्ट्री की डिमांड के हिसाब से स्किल डवलपमेंट की ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार पाने के योग्य बनाया जायेगा।

आईटीआई को उन्नत कौशल विकास केंद्र के तौर पर विकसित करेंगे

नई कौशल नीति के अनुसार प्रदेश की सभी आईटीआई को नए जमाने के हिसाब से उन्नत कौशल केंद्र के रूप में विकसित किया जायेगा। संभाग मुख्यालय में मॉडल करियर सेंटर बनाये जायेंगे। वहां पर युवाओं को करियर काउंसिलिंग से लेकर इंटर्नशिप और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी जायेगी।

प्रदेश भर में अलग-अलग सेक्टर के अनुभवी श्रमिकों के कौशल का सर्टिफिकेशन किया जायेगा। इसके लिए कैंप लगाए जायेंगे। स्किल यूनिवर्सिटी का मॉडर्नाइजेशन करके विशेष कौशल केंद्र बनाए जायेंगे।

प्रदेश में दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर नीति को मंजूरी

कैबिनेट में दिव्यांगजनों के लिए समान अवसर नीति 2024 को मंजूरी दी है। इस नीति के तहत सरकारी दफ्तरों में विशेष योग्यजन की एंट्री को आसान और बाधा मुक्त बनाने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार के सभी संस्थाओं में ऐसी सुविधा विकसित की जायेगी, जिससे कि दिव्यांगजनों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं हो।

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दिव्यांग कर्मचारी के लिए भी सभी सरकारी दफ्तर में उनके सुविधा के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जायेगा। सारी सुविधाएं भारत सरकार के मापदंडों के हिसाब से विकसित की जाएगी, इसके तहत रैंप बनाने से लेकर इजी अप्रोच के लिए जरूरी सभी संसाधन विकसित किये जायेंगे।

दिव्यांगों के तबादले कम से कम होंगे, रोटेशनल ट्रांसफर से मुक्त रखेंगे

इस नीति के तहत दिव्यांगों को रोटेशनल टाइप ट्रांसफर से मुक्त रखा जायेगा और उनके तबादले कम से कम हो यह कोशिश होगी। हर विभाग दिव्यांगों की भर्ती की देखरेख उनकी नियुक्ति और उनके रिकॉर्ड को मेंटेन करने के लिए संपर्क अधिकारी को नियुक्त करेगा।

कर्मचारियों को अब ग्रेच्युटी का लाभ 1 जनवरी 2024 से मिलेगा

सरकारी कर्मचारियों को केंद्र सरकार के अनुसार 1 जनवरी से बढ़ी हुई ग्रेजुएट ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी है। सरकार ने बजट में इसकी घोषणा की थी। राज्य सरकार ने रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और डेट ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा हाली 20 लाख से बढ़कर 25 लख रुपए की है।

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जापान में हिंदी भाषा को मिल रही है व्यापक लोकप्रियता

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 29 दिसंबर 2024 | जयपुर : जापान में हिंदी भाषा तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है। जापानी छात्रों के बीच विदेशी भाषा के तौर पर हिंदी और फ़्रेंच सबसे ज़्यादा लोकप्रिय हैं। जापान में हिन्दी सीखने के लिए टोक्यो और ओसाका विश्वविद्यालय में अलग हिंदी विभाग हैं। इन विभागों में भाषा और साहित्य को समान रूप से महत्व दिया जाता है।

जापान में हिंदी भाषा को मिल रही है व्यापक लोकप्रियता

जापान में हिंदी भाषा को व्यापक लोकप्रियता (ヒンディー語は日本でも広く普及しています) मिल रही है। जापान के साथ भारत ने अक्टूबर 2018 में एक मेमोरेंडम (Memorandum of Understanding) साइन किया था। इसमें भारतीय ऑन जॉब ट्रेनिंग के लिए जापान आ जा सकते हैं। मेमोरेंडम की बड़ी वजह जापान में उम्र की समस्या है।

जापान में हिंदी भाषा को मिल रही है व्यापक लोकप्रियता (ヒンディー語は日本でも広く普及しています)

दरअसल जापान में स्वस्थ जीवन शैली और स्वास्थ्य संसाधन होने के कारण एक बड़ी आबादी उम्र दराज लोगों की है। जापान में युवाओं की संख्या कम है जिसकी वजह से वहां तकनीकी कामगारों की कमी हो चुकी है। ऐसे में वहां की सरकार ने दूसरे देशों के युवाओं के लिए दरवाजा खोल दिया है।

बुजुर्गों के देश कहे जाने वाले जापान में इन दिनों रोजगार के विभिन्न सेक्टरों में युवाओं का संकट गहरा रहा है। यही वजह है कि जापान में 70 से ज्यादा सेक्टर ऐसे हैं जिनमें हर कहीं काम के लिए योग्य प्रोफेशनल की जरूरत महसूस हो रही है।

लिहाजा जापान की कई ह्यूमन रिसोर्सेज एजेंसी अब जापान में युवा प्रोफेशनल की कमी दूर करने के लिए भारत की तरफ (Job Opportunities in Japan for Indians) रुख कर रही हैं । इतना ही नहीं कई ऐसी कंपनियां तो ऐसी हैं जो जापानी बोल सकने वाले युवाओं को हाथों-हाथ रोजगार देने के लिए तैयार हैं।

दुनिया भर के विभिन्न देशों में भारत को ह्यूमन रिसोर्स कैपिटल

भारत में युवाओं की सबसे बड़ी आबादी के मद्देनजर दुनिया भर के विभिन्न देशों में भारत को ह्यूमन रिसोर्स कैपिटल की तरह देखा जा रहा है। इसके अलावा भारत में रोजगार की संभावनाएं लगातार कम होने से बड़ी संख्या में हर साल रोजगार की तलाश में भारतीय प्रोफेशनल विदेशों की तरफ रुख कर रहे हैं।

इस बीच जापान में इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के अलावा नर्सिंग और टेक्निकल पेशेवरों की बड़ी मांग है। जापान की कंपनियों के लिए विदेशी कुशल श्रमिकों की बड़ी जरूरत है। फिलहाल जापान में स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 4:50 लाख युवाओं की जरूरत जापान में हैं, जिस के विपरीत भारत से जापान जाने वाले पेशेवरों की संख्या हजारों में भी नहीं है।

इसकी वजह यही है कि भारतीय प्रोफेशनल विभिन्न सेक्टर में पारंगत तो है लेकिन उन्हें जापानी भाषा नहीं आती ऐसी स्थिति में जापान की कई प्लेसमेंट एजेंसी अब भारत में कई स्थानों पर जापानी भाषा सिखाने वाले संस्थानों से अनुबंध कर कई भारतीय प्रोफेशनल को जापान में नौकरी देना चाहती हैं।

दिल्ली, जयपुर और इंदौर में जापानी कंपनियों का डेरा

हाल ही में इंदौर के अलावा दिल्ली और अन्य शहरों में जापान के एमएस इशीमातो, एमएस मियामोटो समेत रादूरी ओम प्रकाश आदि जापानी कंपनियों के प्रतिनिधि भारत में योग्य युवा प्रोफेशनल को अपनी कंपनियों में जॉब ऑफर करने पहुंच रहे हैं। इनकी शर्त यही है कि पहले भारतीय युवा भारत में ही जापानी भाषा सीख लें। इसके बाद जापान की कंपनियां उन्हें उनकी योग्यता अनुसार जापान में जॉब ऑफर कर देगी।

जापानी भाषा जानने वालों को प्राथमिकता

जापान अर्थव्यवस्था के लिहाज से आर्थिक महाशक्ति माना जाता है। इसलिए दुनिया भर के देशों से युवा वहां रोजगार की संभावना लिए पहुंच रहे हैं। जापान में फिलहाल एग्रीकल्चर, होटल एवम् बिल्डिंग प्रशिक्षण के क्षेत्र में भारतीय युवाओं के लिए अवसर है।

इसके अलावा जापान में बुजुर्गों की देखभाल के लिए भी भारतीय युवाओं को मौका मिल सकता है। इन सभी कामों के लिए जापानी भाषा की समझ होना जरूरी है। जिसके लिए या तो विभिन्न स्तर पर ट्रेनिंग दी जा रही है या फिर जापानी भाषा जानने वालों को प्राथमिकता मिल रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी जापान यात्रा से हिंदी की संभावना बढ़ी 

जापान के अलावा यूरोपीय देशों से भी भारत को ह्यूमन रिसोर्स कैपिटल के रूप में देखा जाने लगा है। इनमें स्वीडन भी एक ऐसा देश है जहां अपने लोगों के बाहर जाने की वजह से भारतीय युवाओं को वहां बुलाया जा रहा है। इसके अलावा वियतनाम, इंडोनेशिया और फिलीपींस से भी भारतीय युवाओं को कई अवसर मिल रहे हैं।

तेमुरनिकर के अनुसार, जापानी छात्र अपनी संस्कृति को संरक्षित रखते हुए एशियाई और पश्चिमी देशों की संस्कृतियों को भी जानना चाहते हैं। जीआइआइएस के 16 कैंपस में 15 हजार छात्र हिंदी भाषा सीख रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी जापान यात्रा के दौरान टोक्यो में एक जापानी छात्र को हिंदी बोलते देख चौंक गये थे। इससे साफ जाहिर होता है कि विदेश में हिंदी सीखने वालों की भरमार है।

जापान में हिन्दी सीखने के बारे में कुछ और बातेंः

  • जापान के ग्लोबल इंडियन इंटरनेशनल स्कूल (जीआइआइएस) के 16 कैंपस में 15 हज़ार छात्र हिंदी सीख रहे हैं।
  • जापानी छात्र अपनी संस्कृति को संरक्षित रखते हुए एशियाई और पश्चिमी देशों की संस्कृतियों को भी जानना चाहते हैं।
  • जापान के कुछ छात्र संस्कृत भाषा, भारतीय प्राच्य इतिहास जैसे विभागों में पढ़ते हुए भी हिंदी सीख रहे हैं।

हाल में ही जापान की राजधानी टोक्यो में क्वाड बैठक हु ई थी। इस बैठक से इतर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने टोक्यो में वर्तमान पीएम फुमियो किशिदा के साथ द्विपक्षीय बैठक से पहले जापान के तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों से मुलाकात की।

पीएम मोदी की ये बैठकें योशीहिदे सुगा, शिंजो आबे और योशिरो मोरी के साथ हुई हैं। जापान के पूर्व प्रधानमंत्रियों के साथ पीएम मोदी की मुलाकात उनकी सद्भावना और व्यक्तिगत संबंधों को दर्शाती हैं।

योशिरो मोरी जापान-भारत संघ (जेआईए) के वर्तमान अध्यक्ष हैं, जबकि शिंजो आबे शीघ्र ही इस भूमिका को संभालेंगे। 1903 में स्थापित जेआईए (JIA)जापान के सबसे पुराने मैत्री संघों में से एक है।  प्रधान मंत्री मोदी ने राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत और जापान के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में मोरी के नेतृत्व में जेआईए द्वारा किए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।

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