
मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 12 जुलाई 2024 | जयपुर : राजस्थान विधानसभा में सचिन पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर ने इशारों-इशारों में गहलोत सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे सुभाष गर्ग पर निशाना साधा। बजट बहस में बोलते हुए भाकर ने कहा कि सत्ता पक्ष के सदस्य कह रहे थे कि हमने पेपरलीक को लेकर एसआईटी गठित की। 100 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि अभी तक आपने मछलियां पकड़ी है।
विधानसभा में हंगामा पेपर लीक मामले में मछलियाँ पकड़ी रसूखदार मगरमच्छों को नहीं
अगर हम भी पेपरलीक में शामिल है तो हमें भी पकड़ो। सिर्फ नारे और भाषणों से काम नहीं चलेगा। जिस पेपरलीक को आप मुद्दा बनाकर सत्ता में आए थे। उस पर काम भी करो। आपने प्रदीप पाराशर को पकड़ा है, लेकिन उसको वहां लगाने वाला कौन था?

मुझे पता है कि वहां तक आपकी जांच नहीं जाएगी क्योंकि आरएलडी केंद्र में आपके साथ सत्ता में भागीदार है। इसलिए जनता से जो वादा करके आप आए हो। उस पर काम करो। बता दें आरएलडी से विधायक सुभाष गर्ग को विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने समर्थन दिया था।
पायलट समर्थक विधायक का गहलोत राज के मंत्री पर निशाना
विधानसभा में सचिन पायलट समर्थक विधायक मुकेश भाकर ने इशारों-इशारों में गहलोत सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री रहे सुभाष गर्ग पर निशाना साधा। वहीं संगरिया से कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया ने छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग उठाई। उन्होंने ‘छात्रसंघ चुनाव बहाल करो’ के पोस्टर दिखाए। पोस्टर दिखाने के बाद सदन में हंगामा हो गया।
छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर हंगामा, विधायक अभिमन्यु ने दिखाए पोस्टर
- छात्रसंघ चुनाव को लेकर सदन में हंगामा हो गया। संगरिया से कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया ने छात्रसंघ चुनाव करवाने की मांग उठाई। उन्होंने ‘छात्रसंघ चुनाव बहाल करो’ के पोस्टर दिखाए। पोस्टर दिखाने के बाद सदन में हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष के विधायकों और संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने विरोध जताया। कहा- यह सदन है, कोई कॉलेज-यूनिवर्सिटी नहीं है।
- अभिमन्यु पोस्टर दिखाते हुए अपनी सीट छोड़कर आगे आ गए। इस पर सभापति संदीप शर्मा ने कहा कि आपका यह तरीका ठीक नहीं है। आप अपनी जगह पर जाइए। आप अभी नए सदस्य हैं। आपको इस तरह करने का कोई लाभ नहीं मिलेगा।
- बीजेपी विधायक छगन सिंह राजपुरोहित ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष अपने सदस्यों को बताएं कि छात्रसंघ चुनाव किसने रद्द किए थे। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि सदन में साबित हो रहा है कि विपक्ष का कोई भी सदस्य नेता प्रतिपक्ष की नहीं मानता है। ये बार-बार रोक रहे हैं, लेकिन इनकी कोई नहीं सुन रहा है। विपक्ष के सदस्यों को लग रहा है कि इन्हें नेता प्रतिपक्ष गलत बना दिया है। गोविंद सिंह डोटासरा को नेता प्रतिपक्ष बनाना चाहिए था। इनकी खुन्नस यहां निकल रही है।
- नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि यह गंभीर विषय है। सदस्य ने अपना विरोध जताया है। यहां भी नहीं कहेंगे तो कहां कहेंगे। इस पर मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि चुनाव बंद किसने कराए थे। सत्ता पक्ष के विधायकों ने कहा कि चुनाव अशोक गहलोत ने बंद कराए थे। टीकाराम जूली ने कहा कि हमने चुनाव स्थगित कराए थे। बंद आपकी सरकार ने कराए हैं।
- हंगामे के दौरान विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि अगर डोटासरा यहां होते तो यह स्थिति नहीं होती। टीकाराम जूली ने कहा कि कृपलानी को मंत्री बना दो, जिससे यह बार-बार उठना बंद कर दें।
- अभिमन्यु पूनिया आज सदन में छात्रसंघ चुनाव शुरू कराने की मांग का कुर्ता पहनकर भी आए थे।
कांग्रेस विधायक ने कहा- बीजेपी ने आदिवासी मंत्री को भी नहीं बख्शा
- टोडाभीम से कांग्रेस विधायक घनश्याम मेहर ने कहा कि बीजेपी आदिवासियों की बात करती हैं, लेकिन इन्होंने तो आदिवासी मंत्री किरोड़ीलाल मीणा को ही नहीं बक्शा। किरोड़ीलाल की वजह से ही बीजेपी सत्ता में आई, लेकिन उनकी मुख्यमंत्री नहीं सुनते। उन्हें अपने कामों के लिए मुख्य सचिव के पास जाना पड़ता हैं।
- मेहर ने मंत्री बाबूलाल खराड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि आदिवासी मंत्री यहां बैठे हैं, लेकिन इन्होंने एक शब्द नहीं कहा। मंत्री जी आप स्विच ऑफ हो गए हैं। आप सदन में एयरप्लेन मोड में बैठे रहते हो। आप ने एक भी शब्द नहीं बोला।
- आपके बगल में बैठे हुए मंत्री आदिवासियों का डीएनए टेस्ट कराने की बात कहते हैं, लेकिन आपने कुछ नहीं कहा।
कांग्रेस विधायक ने की गहलोत राज में खुली यूनिवर्सिटी को बंद करने की मांग
- कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी ने गहलोत राज में 2021 में जोधपुर में खोले गए एमबीएम यूनिवर्सिटी को बंद करने क मांग उठाई है। चौधरी ने कहा कि 2021 में जयनारायण यूनिवर्सिटी की जमीन के दो दुकड़े करके एमबीएम विश्वविद्यालय खोला गया। उसका कोई नया तुक नहीं था, इसे खोलते वक्त कुतर्क दिया गया कि इस यूनिवर्सिटी को सेंटर आफ एक्सीलेंस बनाया जाएगा। यह भी कुतर्क दिया गया कि एलुमिनाई वित्तीय तौर पर सहायता करेगी, लेकिन क्या हुआ? 3 साल में क्या हालात बने हुए हैं? दोनों विश्वविद्यालय अंतिम सांस ले रहे हैं।
- चौधरी ने कहा-विश्वविद्यालय की कक्षाओं में सन्नाटा है, यह सन्नाटा युवाओं के भविष्य का सन्नाटा दिख रहा है। इस प्रदेश के भविष्य का सन्नाटा है, क्योंकि वहां कोई कक्षा भी नहीं लग रही। वहां के प्रोफेसर रिटायर्ड हो चुके, उन्हें आज पेंशन नहीं मिल रही है। रिटायर्ड प्रोफेसर को फुटपाथ पर लाकर बैठा दिया है, वो अनशन कर रहे हैं। वे प्रोफेसर फुटपाथ पर नहीं आए हैं, हम लोगों का भविष्य फुटपाथ पर आया हुआ है विश्वविद्यालय का मूल काम शोध है, दोनों विश्वविद्यालय में शोध कार्य नहीं हो रहा है। दोनों विश्वविद्यालय केवल परीक्षा कराने के नाम पर चल रहे हैं।
- हरीश चौधरी ने कहा- सरकार ने सेंटर फॉर एक्सीलेंसी के आधार पर यूनिवर्सिटी बनाई, लेकिन राजस्थान सरकार ने उसके लिए एक कदम भी नहीं उठाया। दोनों विश्वविधालयों को वापस मर्ज करने का एक्ट लाया जाए। एमबीएम यूनिवर्सिटी एक्ट 2021 को खत्म कर जयनारायण व्यास विश्वविधालय नाम से एक ही विश्वविधालय हो, जिससे वहां रिचर्स, नियमित शिक्षण गतिविधियां, दूसरे प्रोफेसरों की नियुक्ति समय पर हो सके।
किरोड़ीलाल मीणा को मिली परमिशन
- कृषि मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब डॉ किरोड़ीलाल मीणा पूरे बजट सत्र विधानसभा नहीं आएंगे। विधानसभा ने आज डॉ किरोड़ी को पूरे बजट सत्र सदन से गैर हाजिर रहने की अनुमति दे दी है।
- आज प्रश्नकाल खत्म होते ही स्पीकर ने डॉ किरोड़ी लाल मीणा के पूरे बजट सत्र से सदन से गैर हाजिर रहने की अनुमति पर वोटिंग करवाई, जिसकी ध्वनिमत से अनुमति दे दी गई।
- उल्लेखनीय है कि सत्र के दौरान अगर कोई भी विधायक सदन में नहीं आता है तो उसे लिखित में स्पीकर को सूचना देनी होती है, स्पीकर फिर सदन में वोटिंग करवाकर राय पूछते हैं, तब सदन की बैठकों से छुट्टी दी जाती है।