
मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 19 जुलाई 2024 | दिल्ली : एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में पेपर लीक से प्रॉपर्टी बनाने और मेंटेन करने का मामला सामने आया है। ईडी की पड़ताल में कुछ नाम सामने आए हैं। इनमें उदाराम विश्नोई के नाम से पांच करोड़ की प्रॉपर्टी चिह्नित की गई है। इनकी लोकेशन पूर्वी राजस्थान के जिलों में है।
पेपर लीक माफिया की प्रॉपर्टी जब्त करेगी राजस्थान ईडी
भरतपुर के हर्षवर्धन मीणा, जयपुर के राजेंद्र यादव आदि के नाम से प्रॉपर्टी चिह्नित की गई है। बताया जा रहा है कि अगस्त से प्रॉपर्टी अटैच करने की कार्रवाई ईडी शुरू कर सकता है। हालांकि अभी तक प्रॉपर्टी से संबंधित पड़तालों का दौर जारी है। ईडी ने अभी तक पूर्वी राजस्थान के जिलों, जयपुर, भरतपुर में आरोपियों की प्रॉपर्टी के संबंध में पड़ताल की है।

तय माना जा रहा है कि अगले माह अगस्त से ईडी प्रॉपर्टी अटैचमेंट की शुरुआत करेगी। पेपर लीक प्रकरण में एसओसी ने कोर्ट में 2369 पेज की चार्जशीट दायर की है। जिसमें पेपरलीक कराने में करीब 25 को आरोपी बनाया है।
15 ट्रेनी एसआई भी आरोपी
एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक को लेकर दर्ज मुकदमे में जांच जारी है। इसमें जांच के दौरान तकनीकी और अन्य सबूत जुटाकर अब तक कुल 45 आरोपियों (मई तक) को गिरफ्तार किया जा चुका है।
25 आरोपियों में से 15 ट्रेनी एसआई, 2 अन्य जिन्होंने जॉइनिंग नहीं की और इसके अलावा 8 अन्य जिसमें 1 सरकारी कर्मचारी (उप निरीक्षक) शामिल है। मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच जारी है।
राजस्थान में एसआई भर्ती-2021 समेत 6 से ज्यादा परीक्षाओं में पेपर लीक और डमी कैंडिडेट बैठाने के मामले में माफिया ओमप्रकाश ढाका, सुनील बेनीवाल और सरकारी टीचर शम्मी बिश्नोई को गिरफ्तार किया है।
अटैचमेंट कार्रवाई करेगी ईडी
जोधपुर की साइक्लोन टीम ने ढाका और बेनीवाल को हैदराबाद से पकड़ा, जबकि शम्मी को उत्तर प्रदेश के बरसाना से। लेकिन, इन तीनों को पकड़ने के लिए पुलिसवालों को गैस एजेंसी का डिलीवरी बॉय और कृष्ण भक्त बनना पड़ा।
जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने बताया- पिछले दो महीने से ये तीनों पुलिस के रडार पर थे। लेकिन, लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी कि ये हैदराबाद और यूपी में किस कॉलोनी में कहां ठहरे हुए हैं।
चार दिन पहले जब इनकी लोकेशन ट्रेस हुई तो दो टीमों को हैदराबाद और बरसाना भेजा गया। हैदराबाद में एक गैस एजेंसी की सहायता से टीम इन तक पहुंची, जबकि एक टीम कृष्ण भक्त बनकर राजस्थान और मंदिरों में घूमी।
ऑपरेशन के नाम भी दिलचस्प
जोधपुर रेंज आईजी विकास कुमार ने तीन अलग-अलग ऑपरेशन चलाए। तीनों आरोपियों के नाम के अर्थ के अनुसार इन ऑपरेशन को नाम दिया गया। जैसे ओमप्रकाश ढाका को पकड़ने के लिए ऑपरेशन शिव भंगा, सुनील बेनीवाल के लिए ऑपरेशन डीप ब्लू और शम्मी बिश्नोई के लिए ऑपरेशन राज वृक्ष नाम रखा गया।
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आईजी ने बताया कि उनकी टीम लगातार 2 महीने से इस ऑपरेशन पर काम कर रही थी। इसी बीच इनपुट मिला कि जालोर के कुछ लोगों का मूवमेंट हैदराबाद की तरफ बढ़ा है, जो ढाका और बेनीवाल के कॉन्टैक्ट में थे। ऐसे में टीम ने हैदराबाद की लोकेशन पर फोकस किया।