पत्नी की हत्या करके डेडबॉडी के 59 टुकड़ों को फ्रिज में भरा

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 29 सितंबर 2024 | बेंगलुरु : 3 सितंबर, 2024 की रात मुक्तिरंजन महालक्ष्मी के घर गया। दोनों में झगड़ा हुआ और गुस्से में मुक्तिरंजन ने महालक्ष्मी को गला घोंट के मार दिया। मुक्तिरंजन घबराया जरूर, लेकिन भागा नहीं। रात भर यूट्यूब पर लाश को ठिकाने लगाने और काटने के वीडियो देखता रहा।’

पत्नी की हत्या करके डेडबॉडी के 59 टुकड़ों को फ्रिज में भरा

‘सुबह हुई तो करीब 11 बजे पास की दुकान पर गया और एक बड़ा चाकू खरीदकर लाया। इसी से महालक्ष्मी की बॉडी के 59 टुकड़े किए। इन टुकड़ों को फ्रिज में भरा। इसी फ्रिज के पास से चाकू का रैपर पुलिस को मिला। इसी से मालूम चला कि मुक्तिरंजन ने चाकू किस दुकान से खरीदा है।’

पत्नी की हत्या करके डेडबॉडी के 59 टुकड़ों को फ्रिज में भरा

बेंगलुरु के महालक्ष्मी मर्डर केस की जांच टीम में शामिल एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने ये बात मूकनायक मीडिया को बताई है। महालक्ष्मी के मर्डर का आरोप उसके साथ काम करने वाले मुक्तिरंजन पर है। व्यालिकावल एरिया में रहने वाली महालक्ष्मी की डेडबॉडी के टुकड़े 20 सितंबर को उसी के घर के फ्रिज से मिले थे।

महालक्ष्मी बेंगलुरु के एक मॉल में काम करती थीं। पति से झगड़े की वजह से वे अकेले रहने लगी थीं।

महालक्ष्मी बेंगलुरु के एक मॉल में काम करती थीं। पति से झगड़े की वजह से वे अकेले रहने लगी थीं। 25 सितंबर की दोपहर 30 साल के मुक्तिरंजन ने ओडिशा के फंडी गांव में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। मुक्तिरंजन के सुसाइड करने से ये मामला उलझ गया है।

अब बेंगलुरु पुलिस पता लगा रही है कि 3-4 सितंबर की रात महालक्ष्मी की हत्या के बाद मुक्तिरंजन क्या कर रहा था। पुलिस ने महालक्ष्मी के पड़ोसियों और ओडिशा में मुक्तिरंजन के परिवार से पूछताछ की है। मुक्तिरंजन के भाई सत्यरंजन ने महालक्ष्मी पर ब्लैकमैलिंग का आरोप लगाया है। सोर्स के मुताबिक, पुलिस सत्यरंजन को ओडिशा से बेंगलुरु ला सकती है।

मर्डर के बाद महालक्ष्मी के घर में 10 घंटे रहा मुक्तिरंजन

पुलिस सोर्स के मुताबिक, महालक्ष्मी और मुक्तिरंजन के बीच शादी के अलावा रुपयों के लेन-देन को लेकर झगड़ा हुआ था। दोनों करीब 6 महीने से रिश्ते में थे। महालक्ष्मी मुक्तिरंजन से शादी करना चाहती थी, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं था। इसी बात पर झगड़ा हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच मारपीट होने लगी। गुस्से में मुक्तिरंजन ने महालक्ष्मी की गला दबा कर हत्या कर दी।

मुक्तिरंजन ने सुसाइड नोट में भी यही बात लिखी है। उसने लिखा…

‘मैं महालक्ष्मी को पसंद करता था। उससे बहुत प्यार करता था, लेकिन वो आए दिन मुझसे झगड़ा करती थी। मैंने उस पर काफी पैसा खर्च किया। उसका बर्ताव मेरे लिए ठीक नहीं था। वो मुझे किडनैपिंग केस में फंसाने की धमकी दे रही थी।’

पुलिस का अनुमान है कि महालक्ष्मी के मरने से मुक्तिरंजन डर गया। उसने डेडबॉडी को ठिकाने लगाने की कोशिश की। कुछ समझ नहीं आया तो लाश के टुकड़े करने का प्लान बनाया। फिर खून के धब्बे साफ किए। पुलिस अभी फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। इससे पता चलेगा कि क्या मुक्तिरंजन ने खून साफ करने के लिए कोई केमिकल इस्तेमाल किया था।

फ्रिज के पास मिली ट्रॉली, इसी में भरकर डेडबॉडी फेंकना चाहता था

29 साल की महालक्ष्मी बेंगलुरु के व्यालिकावल इलाके में बसप्पा गार्डन के पास बने तीन मंजिला मकान में किराए पर रहती थी। उसका कमरा टॉप फ्लोर पर था। 20 सितंबर, शुक्रवार को तेज बदबू आने पर पास में रहने वाले जीवन प्रकाश ने खोजबीन शुरू की। पता चला कि बदबू महालक्ष्मी के घर से आ रही है।

जीवन ने फोन करके महालक्ष्मी के भाई और मां को बुलाया। फैमिली के आने के बाद कमरे का ताला तोड़ा गया। अंदर कमरे में खून बिखरा था। घर का सारा सामान बिखरा था। महालक्ष्मी की मां ने फ्रिज खोला तो अंदर महालक्ष्मी का कटा सिर, पैर और डेडबॉडी के टुकड़े रखे थे।

महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह ने पुलिस को फोन किया। पुलिस ने कमरे की जांच की। यहीं फ्रिज के पास काले रंग की ट्रॉली मिली। पुलिस को शक है कि मुक्तिरंजन इस ट्रॉली में महालक्ष्मी की डेडबॉडी भरकर फेंकने की फिराक में था। फिर उसे लगा होगा कि ऐसा करते हुए लोग देख लेंगे, इसलिए उसने इरादा बदल दिया और भाग गया।

महालक्ष्मी के घर में काले रंग की ये ट्रॉली मिली है। पुलिस को शक है कि मुक्तिरंजन इसी में भरकर महालक्ष्मी की बॉडी ठिकाने लगाने वाला था।

महालक्ष्मी के घर में काले रंग की ये ट्रॉली मिली है। पुलिस को शक है कि मुक्तिरंजन इसी में भरकर महालक्ष्मी की बॉडी ठिकाने लगाने वाला था। जांच में ये भी पता चला है कि महालक्ष्मी की हत्या के बाद पूरी रात मुक्तिरंजन ने लाश को डिस्पोज करने के वीडियो देखे थे। इसी से उसे महालक्ष्मी की लाश के टुकड़े करने का ख्याल आया।

चाकू बेचने वाला दुकानदार बोला- पहला कस्टमर मुक्तिरंजन ही था

केस की इन्वेस्टिगेशन अभी चल रही है, इसलिए पुलिस सीधे तौर पर मीडिया से बात नहीं कर रही है। बेंगलुरु के एक सीनियर पुलिस ऑफिसर और जांच अधिकारी से हमने ऑफ रिकॉर्ड बात की।

पुलिस अधिकारी बताते हैं…

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शुरुआती जांच और महालक्ष्मी के घर के पास लगे CCTV कैमरे की फुटेज से काफी चीजें क्लियर हुई हैं। इससे पता चला है कि मुक्तिरंजन पास की एक दुकान तक गया और वहां से चाकू खरीदा।

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अधिकारी के मुताबिक, जांच कर रही टीम उस दुकान तक पहुंची। दुकानदार ने माना है कि चाकू उसी की दुकान से खरीदा गया था। मुक्तिरंजन के बारे में पूछने पर दुकानदार ने बताया कि शॉप खुलने के कुछ देर बाद सुबह करीब 11 बजे एक लड़का चाकू खरीदने आया था। दिन का पहला कस्टमर वही था।

एक फोन कॉल से मुक्तिरंजन तक पहुंची पुलिस

पुलिस के मुताबिक, महालक्ष्मी की बॉडी रिकवर करने के बाद जांच टीम एक-एक करके उसके करीबियों और संदिग्धों के पास पहुंची। इनमें महालक्ष्मी के साथ काम करने वाले लोग, उसका मैनेजर और दोस्त शामिल थे। पता चला कि उसके साथ काम करने वाला मुक्तिरंजन लापता है।

मुक्तिरंजन का परिवार ओडिशा के भद्रक जिले में रहता है। गांव का नाम फंडी है। मुक्तिरंजन की तलाश में पुलिस उसके घर पहुंची, तब तक उसने सुसाइड कर लिया था। पुलिस अधिकारी बताते हैं, ‘महालक्ष्मी जहां काम करती थी, हमने वहां के स्टाफ से बात की। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर के बाद से मुक्तिरंजन काम पर नहीं आ रहा है। इससे हमारा शक उसकी तरफ गया।’

‘पुलिस ने स्टाफ से मुक्तिरंजन का फोन नंबर लिया, उसका कॉल रिकॉर्ड देखा। इससे पता चला कि 3 सितंबर की रात मुक्तिरंजन ने बेंगलुरु में ही किसी को फोन किया था। हमने उस नंबर को ट्रैक किया। ये नंबर मुक्तिरंजन के भाई स्मृतिरंजन का निकला।’

‘भाई के बारे में खोजबीन की गई, तो पता चला कि वो बेंगलुरु की इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी के पास किराए पर रहता है। जेपी नगर में काम करता है। हमने मुक्तिरंजन के भाई को उठा लिया। उसने बताया कि मुक्तिरंजन ने मर्डर के बाद फोन किया था। वो बोला कि मैं बेंगलुरु से जा रहा हूं। मुक्तिरंजन तो फरार हो गया, लेकिन उसका भाई हमारे लिए बड़ा मददगार साबित हुआ। ‘

बेंगलुरु से भागकर ओडिशा गया मुक्तिरंजन, रातभर परिवार के साथ रहा

मुक्तिरंजन को पकड़ने के लिए पुलिस उसकी लोकेशन ट्रैक कर रही थी। शुरुआत में मुक्तिरंजन के मोबाइल की लोकेशन पश्चिम बंगाल में मिली। फिर फोन स्विच ऑफ आने लगा। आखिर में उसकी लोकेशन ओडिशा के फंडी गांव में मिली। मुक्तिरंजन का परिवार इसी गांव में रहता है। लोकेशन आइडेंटिफाई होने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए टीम भेजी।

पुलिस मुक्तिरंजन को खोज ही रही थी कि 25 सितंबर की दोपहर उसका शव कुलेपाड़ा के कब्रिस्तान में लटका मिला। ये जगह उसके घर से करीब 3 किमी दूर है। पुलिस के मुताबिक, मुक्तिरंजन सुसाइड से एक दिन पहले 24 सितंबर को घर आया था।

मुक्तिरंजन की मां ने भी बताया है कि वो रात में 10 बजे घर पहुंचा था। सुबह 4 बजे तक रहा, इसके बाद चला गया। मुक्तिरंजन परिवार को बताए बिना सुबह 4 बजे टू व्हीलर लेकर निकला था। घर से करीब 3 किमी दूर एक कब्रिस्तान में उसकी डेडबॉडी पेड़ से लटकी मिली।

मुक्तिरंजन के भाई का आरोप- महालक्ष्मी के गुंडे धमकाते थे

मुक्तिरंजन के भाई सत्यरंजन ने ओडिशा पहुंची बेंगलुरु पुलिस से कहा, ‘2 महीने पहले भाई मुझसे मिलने आया था। उसने बताया था कि कुछ लोग मुझे फोन करके धमका रहे हैं। वे कहते हैं कि अगर तुमने महालक्ष्मी की बात नहीं मानी, तो तुम्हारे टुकड़े करके कुकर में उबालेंगे।’

‘भाई इन धमकियों से बहुत घबरा गया था। उसे इस बात का दुख था कि उसने अपनी सारी कमाई उस लड़की पर बर्बाद कर दी।’ वहीं मुक्तिरंजन की मां ने पुलिस को बताया कि मैंने अपने तीनों बेटों के लिए एक तरह की अंगूठी बनवाई थी। मुक्तिरंजन ने वो अंगूठी भी उस लड़की को दे दी। पहले से शादीशुदा होने के बाद भी लड़की उसे शादी के लिए धमका रही थी।

मुक्तिरंजन के भाई को ओडिशा से बेंगलुरु ला सकती है पुलिस

मुक्तिरंजन के बड़े भाई सत्यरंजन ने महालक्ष्मी और उसके भाई उक्कम पर मारपीट और ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाए हैं। उसके बयानों के आधार पर पुलिस उक्कम और महालक्ष्मी के दोस्त अशरफ से पूछताछ कर रही है।

सत्यरंजन के मुताबिक, महालक्ष्मी के मर्डर से पहले मुक्तिरंजन उसके पास आया था। उस वक्त वो बहुत परेशान था। उसने बताया कि महालक्ष्मी और उसका भाई उक्कम मुझे धमका रहे हैं। उक्कम ने दोस्तों के साथ मिलकर मुझे पीटा भी है। वे लोग कह रहे थे कि महालक्ष्मी जो कहे, मैं वही करूं। अगर नहीं किया तो मुझे और भाइयों को मार डालेंगे।

सोर्स के मुताबिक, इनवेस्टिगेशन टीम सत्यरंजन को ओडिशा से बेंगलुरु ला सकती है। फिलहाल, सुसाइड वाली जगह मिले लैपटॉप, डायरी और दूसरे सामानों को FSL जांच के लिए भेज दिया गया है।

मुक्तिरंजन-महालक्ष्मी के भाइयों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ होगी

बेंगलुरु पुलिस महालक्ष्मी के भाई उक्कम से पूछताछ कर रही है। मुक्तिरंजन के भाई का आरोप है कि महालक्ष्मी ने मुक्तिरंजन से सोने की चेन और 7 लाख रुपए लिए थे। आगे की जांच के लिए पुलिस महालक्ष्मी और मुक्तिरंजन के भाई को आमने-सामने बैठाकर बात कर सकती है।

मुक्तिरंजन के लैपटॉप के डेटा और उसकी डायरी से भी और खुलासे हो सकते हैं। ये मुक्तिरंजन के भाई सत्यरंजन हैं। सत्यरंजन का आरोप है कि महालक्ष्मी मुक्तिरंजन को ब्लैकमेल कर रही थी।

बेंगलुरु कमिश्नर बोले- ओडिशा से टीम लौट आए, फिर खुलासा करेंगे

बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर बी दयानंद कहते हैं, ‘मुक्तिरंजन ने सुसाइड नोट में मर्डर की बात कबूल की है। हम हत्या में उसकी भूमिका तय मान रहे हैं। हमारी टीमें अभी ओडिशा में केस से जुड़ी बाकी जानकारियां इकट्ठा कर रही हैं। उनके वापस आने के बाद हम इनवेस्टिगेशन आगे बढ़ाएंगे। तभी इस मामले की बाकी जानकारी शेयर की जाएगी।”

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पुलिस सोर्स के मुताबिक, अभी महालक्ष्मी की हत्या की जांच चल रही है। पुलिस को उस हथियार का पता चल गया है, जिससे महालक्ष्मी की बॉडी के टुकड़े किए गए। हत्या वाली जगह पर पुलिस को एक से ज्यादा लोगों की उंगलियों के निशान मिले हैं। पुलिस हर एंगल की जांच कर रही है। इसमें 4 स्पेशल टीम लगी हैं।

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जयपुर में MNIT और महारानी कॉलेज की दो दलित छात्राओं ने की आत्महत्या

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 02 फरबरी 2025 | जयपुर : जयपुर में एक और कॉलेज गर्ल ने सुसाइड किया है। करीब दस दिन पहले मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनआईटी) कैंपस में एक छात्रा ने हॉस्टल की छत से कूद कर जान दे दी थी। अब राजस्थान विश्वविद्यालय के कैंपस में बने माही छात्रावास में रहने वाली एक छात्रा ने सुसाइड कर लिया।

जयपुर में MNIT और महारानी कॉलेज की दो दलित छात्राओं ने की आत्महत्या

गांधी नगर पुलिस को शनिवार शाम को घटना की जानकारी मिली। पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि हॉस्टल के पहली मंजिल पर बने कमरे में छात्रा फंदे से लटक रही थी। छात्रा को उतार कर अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जयपुर में MNIT और महारानी कॉलेज की दो दलित छात्राओं ने की आत्महत्या

जयपुर स्थित राजस्थान विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने शनिवार को हॉस्टल में सुसाइड कर लिया। छात्रा का शव हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटका मिला। छात्रा फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। छात्रा के आत्महत्या की खबर सामने आते ही पूरे कैंपस में सनसनी फैल गई। तुरंत स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू की। मिली जानकारी के अनुसार सुसाइड की यह घटना राजस्थान यूनिवर्सिटी के माही हॉस्टल में हुई।

माही हॉस्टल में फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट ने की सुसाइड

माही छात्रावास राजस्थान यूनिवर्सिटी की छात्राओं के लिए आवंटित है। यहां शनिवार को दोपहर बाद एक छात्रा के आत्महत्या की जानकारी सामने आई। सुसाइड करने वाली छात्रा की पहचान महारानी कॉलेज के फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट के रूप में हुई है। छात्रा ने अपने कमरे में पंखे से कपड़े का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

सुसाइड के कारणों की नहीं मिली जानकारी

पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। इधर छात्रा की खुदकुशी पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक चुप्पी साध रखी है। छात्रा ने सुसाइड क्यों किया, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मालूम हो कि बीते दिनों माही हॉस्टल में वॉर्डन के व्यवहार सहित अन्य मुद्दों पर छात्राओं ने प्रदर्शन भी किया था।

महारानी कॉलेज में पढ़ाई करती थी छात्रा

माही हॉस्टल में सुसाइड करने वाली छात्रा की पहचान सारिका बुनकर के रूप में हुई है। सारिका महारानी कॉलेज में बीएससी फर्स्ट ईयर की छात्रा थी। सारिका मूल रूप से दिल्ली रोड स्थित मनोहरपुर की रहने वाली थी। बताया जाता है कि छात्रा ने सुसाइड से पहले परिवार को फोन भी किया था।

युवती का मोबाइल लॉक, परिजनों की दी गई सूचना

घटना के बारे में गांधी नगर थानाधिकारी आशुतोष ने बताया- सुसाइड की घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे। परिवार को घटना की जानकारी दी है. युवती का मोबाइल लॉक है। परिवार के आने के बाद अन्य चीजों पर काम किया जायेगा। हॉस्टल में सारिका के साथ रहने और पढ़ने वाली छात्राओं से भी पूछताछ की जा रही है।

कमरे से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

बताया गया कि शाम करीब 4 बजे सारिका के कमरे का गेट नहीं खोलने पर दूसरी छात्राओं ने वॉर्डन को जानकारी दी। इस पर वॉर्डन ममता जैन गार्ड को लेकर कमरे में पहुंची और गेट तोड़कर अंदर गए तो सारिका फंदे से लटकी मिली। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. मामले की जांच जारी है।

राजस्थान विश्वविद्यालय की छात्राओं का धरना-प्रदर्शन जारी है. गुरुवार रात भी छात्राएं कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे प्रदर्शन करती नजर आई। अब छात्राओं का यह प्रदर्शन और तेज हो सकता है, क्योंकि गुरुवार रात NSUI के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ ने आंदोलनरत छात्राओं से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद विनोद जाखड़ ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाये। साथ ही कहा कि विवि प्रशासन का रवैया तानाशाही है।

दरअसल राजस्थान विश्वविद्यालय के माही गर्ल्स हॉस्टल में नई वार्डन की नियुक्ति के मुद्दे पर छात्राएं कड़ाके की सर्दी में कुलपति सचिवालय के सामने विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। छात्राओं का कहना है कि यह नियुक्ति उनके हितों और भावनाओं के खिलाफ है।

पाली की लड़की ने किया था सुसाइड

दस दिन पहले जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित एमएनआईटी में पढ़ने वाली छात्रा ने हॉस्टल की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला। उसमें लिखा था कि ‘गलती मेरी ही है। मैं ही इस दुनिया में नहीं जी सकती। सबसे ज्यादा खुश मैं या तो बचपन में या नींद में थी।’ मृतक छात्रा 21 वर्षीय दिव्या राज मेघवाल थी जो कि पाली जिले की रहने वाली थी। वह एमएनआईटी में बीआर्क (आर्किटेक्चर) फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी।

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गर्भवती पत्नी के पेट पर बैठकर घोंटा गला गर्भ से बाहर आ गया 7 महीने का भ्रूण

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 23 जनवरी 2025 | जयपुर : हैदराबाद में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसको सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 21 साल के युवक ने कथित तौर पर केवल शक की वजह से अपनी गर्भवती पत्नी की हत्या कर दी। उसने अपनी पत्नी को इतने बेतरतीब तरीके से मारा कि महिला के गर्भ से सात महीने का भ्रूण बाहर आ गया।

गर्भवती पत्नी के पेट पर बैठकर घोंटा गला गर्भ से बाहर आ गया 7 महीने का भ्रूण

पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि 16 जनवरी को जब आरोपी की पत्नी घर में सो रही थी, तो वह उसके पेट पर बैठ गया और उसने तकिये से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, जिसके परिणामस्वरूप भ्रूण गर्भ से बाहर आ गया।

गर्भवती पत्नी के पेट पर बैठकर घोंटा गला गर्भ से बाहर आ गया 7 महीने का भ्रूण

हैदराबाद में एक युवक ने अपनी गर्भवती पत्नी की निर्मम हत्या कर दी और फिर इसे दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया। बेवफाई के शक में युवक ने पत्नी की हत्या के लिए निर्ममता की सारी सीमाएं लांघ डाली। इस घटना के बारे में जिसने भी सुना उसने अपने दांतों तले उंगलियां दबा दीं।

अजन्मे बच्चे की भी मौत

21 वर्षीय युवक ने बेवफाई के शक में अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इस वीभत्स घटना में महिला का भ्रूण गर्भ से बाहर आ गया। 21 वर्षीय महिला गर्भावस्था के सातवें महीने में थी। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

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यह वीभत्स घटना 16 जनवरी को कुशाईगुडा पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई। पुलिस ने बताया कि 16 जनवरी को जब आरोपी की पत्नी घर में सो रही थी, तो वह उसके पेट पर बैठ गया और उसने तकिये से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी, जिसके परिणामस्वरूप भ्रूण गर्भ से बाहर आ गया।

गैस सिलेंडर का वाल्व खोलकर लगा दी आग

पुलिस ने बताया कि इसके बाद आरोपी ने गैस सिलेंडर का वाल्व खोलकर उसमें आग लगाकर घटना को आग दुर्घटना में हुई मौत के रूप में दिखाने की कोशिश की। कुशाईगुड़ा थाना के एक अधिकारी ने बताया कि मृत महिला की मां की शिकायत के आधार पर एक मामला दर्ज किया गया और जांच के दौरान 20 जनवरी को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

2022 में हुई थी शादी

पुलिस के मुताबिक, दोनों की दोस्ती ऑनलाइन माध्यम से हुई थी, जिसके बाद 2022 में दोनों ने शादी कर ली। पुलिस ने बताया कि कुछ विवाद के बाद वे कुछ महीनों तक अलग-अलग रहे और एक महीने पहले से वे यहां एक किराए के मकान में साथ रह रहे थे। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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