
मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 21 जुलाई 2024 | दिल्ली : नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट(NEET) पेपरलीक मामले में CBI ने भरतपुर मेडिकल कॉलेज के 2 स्टूडेंट को पकड़ा है। दोनों स्टूडेंट कुमार मंगलम और दीपेंद्र कुमार है। CBI की टेक्निकल सर्विलांस टीम ने दोनों स्टूडेंट को एग्जाम के दौरान हजारीबाग, झारखंड में मौजूद होने की पुष्टि की है।
NEET पेपरलीक मामले में CBI द्वारा भरतपुर मेडिकल कॉलेज के 2 स्टूडेंट गिरफ्तार
जानकारी के अनुसार, CBI ने 18 जुलाई को भरतपुर के जगन्नाथ पहाड़िया मेडिकल कॉलेज से 2 स्टूडेंट को पकड़ा था। दीपेंद्र 2023 और कुमार मंगलम 2022 बैच का स्टूडेंट है। सीबीआई की जांच में सामने आया कि यह दोनों स्टूडेंट पेपर सॉल्व करते थे।

पटना एम्स से पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डिटेल के आधार पर इनकी पहचान हुई थी। इसके बाद हजारीबाग में होने की पुष्टि होते ही इन्हें भरतपुर से हिरासत में लिया गया है। मूकनायक मीडिया ने भरतपुर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से बात करने की कोशिश की तो उनका नंबर बंद मिला। भरतपुर के इसी मेडिकल कॉलेज में ये दोनों स्टूडेंट पढ़ते थे।
रॉकी की गिरफ्तारी के बाद एक्शन में CBI
NEET पेपर लीक मामले में CBI ने गुरुवार को रॉकी उर्फ राकेश को बिहार से गिरफ्तार किया था। CBI के सूत्रों के मुताबिक, रॉकी ने ही NEET का पेपरलीक होने के बाद उसे हल कराकर एक आरोपी चिंटू के मोबाइल पर भेजा था। केंद्रीय जांच एजेंसी ने सुबह रॉकी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 10 दिन की रिमांड पर CBI को सौंप दिया। रॉकी की गिरफ्तारी के बाद से CBI ने एक्शन का दायरा बढ़ा दिया था।
बता दें कि इसी मामले में राजस्थान में जोधपुर AIIMS का स्टूडेंट्स हुकमाराम भी फरार है। वह प्रयागराज (UP) के एक मशहूर डॉक्टर राजेश प्रसाद (RP) पांडे के बेटे राज पांडे की जगह बिहार के सेंटर पर एग्जाम देने बैठा था।
इसके लिए उसे 4 लाख रुपए मिलने थे। सेंटर पर बायोमेट्रिक जांच के दौरान पकड़ा गया था। इसी संबंध में पिछले दिनों बिहार पुलिस जोधपुर भी आई थी। हुक्माराम का यह सस्पेंशन बिहार हाईकोर्ट के अगले फैसले तक रहने वाला है।
मास्टरमाइंड संजीव मुखिया तक पहुंचने में जुटी सीबीआई
बिहार में पेपर लीक का मुख्य सरगना संजीव मुखिया है। यह नालंदा जिले के नगरनौसा का रहने वाला है। मामला सामने आने के बाद से ही यह फरार है। माना जा रहा है कि गिरफ्तार रॉकी फरार संजीव मुखिया का बेहद खास है। संजीव अब तक सीबीआई की पहुंच से दूर है। सीबीआई की टीम लगातार संजीव के ठिकाने तक पहुंचने में जुटी है।
सुप्रीम कोर्ट ने काउंसलिंग पर रोक लगाने से इनकार किया था
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार तक काउंसलिंग पर रोक लगाने से भी इनकार किया था। सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था- काउंसलिंग में कुछ समय लगेगा। यह 24 जुलाई के आसपास शुरू होगी। CJI ने कहा – हम सोमवार को ही सुनवाई करेंगे।