टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर के सामने बड़े चैलेंज

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 09 जुलाई 2024 | बेंगलुरु :  गौतम गंभीर टीम इंडिया के हेड कोच बन गये हैं। कोच गंभीर के सामने सबसे बड़ी चुनौती में से एक 2025 का चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतना होगा। चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम ने दो बार खिताब अपने नाम किया है। 2002 और 2013 में भारतीय टीम चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतने में सफल रही है। 2013 में धोनी की कप्तानी में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था।

टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर के सामने बड़े चैलेंज

मंगलवार को BCCI ने इसकी ऑफिशियल जानकारी दी। गंभीर अब राहुल द्रविड़ की जगह संभालेंगे, जिन्होंने टीम इंडिया के ICC टूर्नामेंट जीतने सूखा का 10 दिन पहले ही खत्म करवाया। उनकी कोचिंग में भारत ने साउथ अफ्रीका को फाइनल हराकर टी-20 वर्ल्ड कप जीता।

गंभीर 2027 तक भारत के कोच बने रहेंगे। इस दौरान भारत 5 ICC टूर्नामेंट खेलेगा। गंभीर के सामने इनमें टीम को चैंपियन बनाने की चुनौती है। इसके अलावा विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे सीनियर प्लेयर्स के साथ उनकी केमिस्ट्री पर भी नजरें होंगी।

जीतना होगा युवाओं का भरोसा

गंभीर के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी युवा खिलाड़ियों का विश्वास जीतना। अभी सिर्फ कुछ ही खिलाड़ी हैं जो लखनऊ या कोलकाता की टीमों में उनके साथ खेल चुके हैं और उनके तरीके को जानते हैं। बाकी खिलाड़ियों को उनके साथ घुलना-मिलना होगा।

पर ये बात भी सच है कि दिल्ली के गंभीर हर तरह के युवा खिलाड़ियों के साथ अच्छा काम करने के लिए जाने जाते हैं। इसलिए उम्मीद है कि बाकी खिलाड़ी भी उनके साथ कोच के रूप में काम करने के लिए उत्साहित होंगे। भारतीय टीम में शामिल होने के लिए कई युवा खिलाड़ी तैयार हैं और गंभीर के ऊपर काफी ज़िम्मेदारी आने वाली है।

चैलेंज-1: न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज

हेड कोच के रूप में गंभीर का कार्यकाल श्रीलंका दौरे से शुरू होगा। दौरे पर पहला मैच 27 जुलाई को है। श्रीलंका में टीम 3 वनडे और 3 टी-20 खेलेगी। इसी दौरे से गंभीर के कोचिंग करियर की बुनियाद तय होगी। श्रीलंका दौरा 7 अगस्त को खत्म होगा, इसके बाद 19 सितंबर से टीम इंडिया का बिजी शेड्यूल शुरू हो जाएगा। यहीं से गंभीर के असली चैलेंज भी सामने आएंगे।

  • 2025 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अगली 3 टेस्ट सीरीज में अच्छा परफॉर्म करना होगा। इनमें घरेलू मैदान पर बांग्लादेश से 2 और न्यूजीलैंड से 3 टेस्ट होंगे। भारत फिलहाल WTC पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है, इसलिए टीम से पांचों टेस्ट जीतने की उम्मीद है।
  • नवंबर से जनवरी तक टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में 5 टेस्ट खेलेगी। भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014 के बाद से 4 टेस्ट सीरीज जीत चुका है। ऑस्ट्रेलिया में तो भारत ने लगातार 2 टेस्ट सीरीज जीती हैं। यानी गंभीर के सामने ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीत की हैट्रिक लगाने की चुनौती है। इसी सीरीज के नतीजे से तय होगा कि भारत लगातार तीसरा WTC फाइनल खेलेगा या नहीं।
  • 2025 से 2027 तक भारत फिर इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और श्रीलंका में 3 टेस्ट सीरीज खेलेगा। इस दौरान वेस्टइंडीज, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 टेस्ट सीरीज घर में भी रहेंगी। 2027 के WTC फाइनल में पहुंचने के लिए इनमें भी जीत दर्ज करनी ही होगी।

रोहित और कोहली की कमी को पूरा करना

गंभीर के लिए एक और बड़ा काम टी20 मैचों में रोहित शर्मा और विराट कोहली के ना होने से बनी कमी को दूर करना होगा। साथ ही, उन्हें टीम में अगले लीडर को ढूंढकर उसे निखारना होगा। ऐसा लगता है कि हार्दिक पांड्या उन खिलाड़ियों में से एक हैं, जो सबसे छोटे फॉर्मेट में गंभीर के साथ काम करने का लुत्फ उठाएंगे, और गंभीर भी उनके साथ अच्छा रिश्ता बनाने के इच्छुक होंगे। भारत को टी20 क्रिकेट के लिए एक मजबूत लीडर और 2026 के अगले टी20 वर्ल्ड कप के लिए एक ठोस प्लान की जरूरत है। इस टी20 वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी भारत करेगा।

चैलेंज-2: अगले 3 साल में 5 ICC टूर्नामेंट

ICC साल 2025 से 2027 तक 5 टूर्नामेंट कराएगी। 2 WTC फाइनल हटा दें तो लिमिटेड ओवर्स के 3 अहम टूर्नामेंट इनमें शामिल हैं। 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी, 2026 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2027 में वनडे वर्ल्ड कप होगा। ICC टूर्नामेंट्स के इतर इस दौरान 2 एशिया कप भी होंगे।

  • चैंपियंस ट्रॉफी में भारत ने 2 खिताब 2002 और 2013 में जीते। टीम 2017 में पाकिस्तान से फाइनल हारकर रनर-अप रही। अब 2025 में भारत के सामने पाकिस्तान में ही चैंपियंस ट्रॉफी जीतने की चुनौती है।
  • टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत ने 2 खिताब 2007 और 2024 में जीते। टीम इस वर्ल्ड कप की मौजूदा चैंपियन है। 2026 का टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की मेजबानी में है। यानी गंभीर के सामने होम ग्राउंड पर भारत को पहला टी-20 वर्ल्ड कप जिताने की चुनौती है।
  • वनडे वर्ल्ड कप में भी भारत ने 2 ही खिताब 1983 और 2011 में जीते। 2027 का टूर्नामेंट साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होगा। यह गंभीर के कोचिंग पीरियड का आखिरी टूर्नामेंट है। वनडे वर्ल्ड कप क्रिकेट का सबसे बड़ा टूर्नामेंट है, भारत 2023 में अपने ही होम ग्राउंड पर लगातार 10 मैच जीतकर भी ट्रॉफी जीतने से चूक गया था। ऐसे में गंभीर के कोचिंग करियर का सबसे बड़ा चैलेंज भारत को वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी दिलवाना ही है।
  • एशिया कप में भारत मौजूदा चैंपियन है। गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया 2 एशिया कप भी खेलेगी। 2025 का टूर्नामेंट टी-20 और 2027 का वनडे फॉर्मेट में होगा। इसी टूर्नामेंट से एशियन टीमों के वर्ल्ड कप की तैयारी भी पुख्ता होती है। ऐसे में गंभीर के सामने इनमें भी भारत को अच्छा परफॉर्म करवाने की चुनौती है।

टेस्ट क्रिकेट में जीत का सिलसिला शुरू करना

भारतीय टीम दुनिया की सबसे बेहतरीन टेस्ट टीमों में से एक है, लेकिन 2019 में शुरू हुई आईसीसी टेस्ट चैंपियनशिप में उन्हें अभी तक कोई बड़ी सफलता नहीं मिली है। हालांकि, ‘बड़ी सफलता नहीं मिली’ कहना शायद सही न हो, क्योंकि वो दो बार (2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ और फिर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंच चुके हैं।

लेकिन दोनों ही फाइनल भारत हार गया और चैंपियन बनने से चूक गया। गंभीर के लिए सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी ये सुनिश्चित करना होगी कि भारत आखिरकार वो इकलौती ट्रॉफी जीत ले, जो अभी उनकी कैबिनेट में शामिल नहीं है।

चैलेंज-3: नई टी-20 टीम तैयार करना

भारत को 2024 का टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने के बाद टीम के 3 दिग्गजों कप्तान रोहित शर्मा, बैटर विराट कोहली और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया। जिम्बाब्वे दौरे पर युवा टीम इंडिया भेजी गई, ऐसा ही कुछ श्रीलंका दौरे पर भी देखने को मिलेगा।

  • गंभीर के सामने 2026 के वर्ल्ड कप तक इस फॉर्मेट में भारत की बेस्ट टीम तैयार करने की चुनौती है। साथ ही उन्हें रोहित, कोहली और जडेजा के रीप्लेसमेंट भी इतने टाइम में तैयार कर लेने होंगे, जो अगले वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जिम्मेदारी संभालें।
  • गंभीर ने IPL में KKR टीम को अपनी कप्तानी में 2 बार और मेंटरशिप में एक बार चैंपियन बनाया। टी-20 फॉर्मेट के इस टूर्नामेंट में सफलता के कारण ही गंभीर को कोच बनाने का मुद्दा तेजी से बढ़ा था। ऐसे में उनसे खासतौर पर इसी फॉर्मेट में भारत को चैंपियन टीम बनाने की उम्मीद की जा रही है।

चैलेंज-4: सीनियर प्लेयर्स के साथ केमिस्ट्री

टी-20 फॉर्मेट से तो 3 सीनियर प्लेयर्स ने संन्यास ले लिया, लेकिन ये तीनों खिलाड़ी वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में खेलना जारी रखेंगे। रोहित, विराट और जडेजा 2 फॉर्मेट खेल रहे हैं, वहीं रविचंद्रन अश्विन लंबे समय से टेस्ट टीम का हिस्सा हैं। ऐसे में देखना अहम होगा कि गंभीर इन 4 प्लेयर्स से किस तरह की केमिस्ट्री बैठाते हैं।

  • गंभीर के पास सीनियर प्लेयर्स के रीप्लेसमेंट ढूंढने की भी चुनौती है। 35-35 साल के जडेजा और कोहली 2027 तक वनडे और टेस्ट खेल सकते हैं। वहीं 37-37 साल के रोहित और अश्विन के 2025 से 2027 के दौरान संन्यास लेने की आशंका है। ऐसे में गंभीर के सामने सीनियर्स के टीम में रहते हुए ही इनका बेस्ट ऑप्शन तैयार करने की चुनौती है।
  • कुल मिलाकर गंभीर को सीनियर प्लेयर्स की तरह ही खिलाड़ी तैयार करने होंगे, जो मुश्किल परिस्थिति में टीम को संभालकर जिता सकें, क्योंकि ये चारों सीनियर्स ही पिछले 12-13 साल से टीम की रीढ़ बने हुए हैं।

चैलेंज-5: ऑल फॉर्मेट लीडर तैयार करना

रोहित शर्मा टी-20 फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं। उनकी जगह हार्दिक पंड्या इस फॉर्मेट में भारत की कमान संभालने के बड़े दावेदार हैं। रोहित का 2025 तक वनडे और टेस्ट में कप्तान रहना तय है। वनडे में तो उनकी जगह 30 साल के पंड्या ही कप्तान बनाए जा सकते हैं, लेकिन हार्दिक टेस्ट नहीं खेलते। ऐसे में रोहित के बाद भारत का टेस्ट कप्तान कौन होगा, यह चुनौती है।

  • टीम इंडिया में लंबे समय से यह फिलॉसफी रही कि तीनों फॉर्मेट में एक ही कप्तान होना चाहिए। इसी कारण 2008 के बाद एमएस धोनी, 2017 से विराट कोहली और 2022 से रोहित शर्मा ने तीनों फॉर्मेट में भारत को लीड किया। अगर यही फिलॉसफी जारी रही तो गंभीर के सामने टीम इंडिया का ऑल फॉर्मेट कप्तान तैयार करने की भी चुनौती है।
  • ऑल फॉर्मेट कप्तान की पोजिशन के लिए टीम में केएल राहुल, जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर और शुभमन गिल के ऑप्शन हैं। 2024 के IPL में KKR ने खिताब जीता, इस टीम की कप्तानी श्रेयस ने की। ऐसे में उनकी दावेदारी भी बन सकती है।
  • हालांकि, रोहित अगर 2027 तक कप्तान बने रहे तो टीम इंडिया 4 साल तक टी-20 में नए कप्तान की लीडरशिप में उतरेगी। ऐसे में यह भी उम्मीद की जा सकती है कि गंभीर की कोचिंग में टीम इंडिया स्प्लिट कैप्टन यानी हर फॉर्मेट का अलग कप्तान बनाने की स्ट्रैटजी भी अपना सकती है। ऐसे में टी-20, वनडे और टेस्ट तीनों फॉर्मेट का अलग-अलग कप्तान भी हो सकता है।

राहुल द्रविड़ ढाई साल तक रहे कोच

गंभीर दिग्गज राहुल द्रविड़ का स्थान लेंगे। द्रविड़ नवंबर 2021 में भारत के हेड कोच बने थे। उन्होंने रवि शास्त्री की जगह ली थी, जिनकी कोचिंग में टीम 2021 के टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी। द्रविड़ ने यहां से टीम को संभाला और ICC खिताब भी दिलवाया।

द्रविड़ के कार्यकाल में टीम 2022 के टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल तक पहुंची। 2023 में फिर WTC और वनडे वर्ल्ड कप में रनर-अप रही। टीम को दोनों बार ऑस्ट्रेलिया से करारी हार मिली, लेकिन द्रविड़ का कार्यकाल बढ़ा दिया गया। द्रविड़ ने फिर 2024 में टीम को टी-20 वर्ल्ड कप का चैंपियन बनाया और भारत के ICC ट्रॉफी का इंतजार खत्म हुआ। टी-20 वर्ल्ड कप के रूप में 2013 के बाद भारत ने पहला ही ICC टूर्नामेंट जीता।

द्रविड़ की कोचिंग में भारत ने इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया को घर में टेस्ट सीरीज हराईं। वहीं साउथ अफ्रीका में सीरीज 1-1 से ड्रॉ कराईं। इतना ही नहीं, टीम इंडिया इस दौरान तीनों फॉर्मेट की ICC रैंकिंग में नंबर-1 टीम भी बनी। यानी गंभीर के सामने 5 बड़े चैलेंज के रूप में द्रविड़ के सफल कैंपेन को आगे ले जाने की पहाड़ जैसी चुनौती है।

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RCA की बर्बादी के लिए कौन है जिम्मेदार, राजस्थान के क्रिकेटर्स का भविष्य चौपट

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 26 मार्च 2025 | जयपुर :  राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) की एडहॉक कमेटी पर शिकंजा कसता जा रहा है। एडहॉक कमेटी को अब राज्य सरकार ने नोटिस जारी कर पिछले एक साल में हुए खर्चों का ब्योरा मांगा है। आरोप है कि कमेटी पदाधिकारी अपने निजी खर्चों के लिए पैसों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

RCA की बर्बादी के लिए कौन है जिम्मेदार

खेल विभाग के सचिव नीरज कुमार पवन ने बताया- वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत मिली थी। इसलिए पूरे मामले की जांच करने का फैसला किया गया है। खर्चों की पूरी जानकारी मांगी गई है। वहीं नई कमेटी के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।

RCA की बर्बादी के लिए कौन है जिम्मेदार

वर्तमान की एडहॉक कमेटी का गठन एक साल पहले किया गया था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि RCA कि बर्बादी के लिए जिम्मेदार कौन है और राजस्थान के होनहार खिलाडियों का करियर कौन बर्बाद कर रहा है?

“RCA की बर्बादी” से आपका तात्पर्य संभवतः राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (Rajasthan Cricket Association) से है। इस सवाल का जवाब देना जटिल है क्योंकि इसके लिए कोई एक व्यक्ति या समूह को स्पष्ट रूप से जिम्मेदार ठहराना संभव नहीं है बिना ठोस तथ्यों और संदर्भ के। यह एक राय-आधारित प्रश्न है जो राजनीतिक, प्रशासनिक और संगठनात्मक कारकों पर निर्भर करता है।

हाल के घटनाक्रमों के आधार पर, जैसे कि फरवरी 2024 में राज्य खेल परिषद द्वारा RCA के दफ्तर पर ताला लगाने की घटना, कुछ लोग इसे राजनीतिक द्वेष से जोड़ते हैं। उदाहरण के लिए, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसे “राजनीतिक प्रतिशोध” करार दिया था, क्योंकि उनके बेटे वैभव गहलोत RCA के अध्यक्ष हैं। दूसरी ओर, यह भी संभव है कि संगठन के आंतरिक प्रबंधन, वित्तीय अनियमितताओं या नीतिगत विवादों ने इसके संकट में योगदान दिया हो।

एडहॉक कमेटी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

आईपीएल शुरू होने से ठीक पहले राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) की एडहॉक कमेटी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। कमेटी के सदस्यों पर आरसीए के फंड का दुरुपयोग करने, खुद के लिए महंगे आईफोन खरीदने और अनावश्यक रूप से महंगे समारोह आयोजित करने के आरोप हैं।

राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की बर्बादी के लिए कौन है जिम्मेदार

कमेटी के सदस्यों ने कथित रूप से आरसीए के पैसों से 2 लाख रुपये के महंगे आईफोन खरीदे। इसके अलावा, उन्होंने फंड का उपयोग कर महंगे सूट भी सिलवाए। आरसीए के पास खुद का लक्जरी होटल होने के बावजूद बाहरी महंगे होटलों में समारोह आयोजित किए गए, जिससे अनावश्यक खर्च बढ़ा। एक समारोह में 35 लाख रुपये खर्च करने की जानकारी सामने आई है, जबकि पुरस्कार राशि केवल 5 लाख रुपये थी।

सदस्यों पर फर्जी टीए-डीए लेने का भी आरोप है। नियमों के अनुसार, एडहॉक कमेटी का काम केवल तीन माह में चुनाव कराना होता है, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं कराए गए। साथ ही, राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को कार्यक्रमों में निमंत्रण नहीं भेजा गया और साधारण सभा की बैठक भी नहीं बुलाई गई, जो कि वित्तीय मामलों को प्रमाणित करने के लिए आवश्यक होती है।

राजस्थान के क्रिकेटर्स का भविष्य चौपट

पहले भी खिलाड़ियों के चयन को लेकर एडहॉक कमेटी पर भ्रष्टाचार के आरोप लग चुके हैं। अब इन नए आरोपों ने राजस्थान के क्रिकेट समुदाय में आक्रोश फैला दिया है। क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों ने सरकार से इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि आरसीए के फंड का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए ताकि राजस्थान में क्रिकेट का विकास हो सके।

राजस्थान के क्रिकेटर्स का भविष्य “चौपट” होने की बात एक गंभीर चिंता का विषय हो सकती है, लेकिन इसे समझने के लिए हमें कई पहलुओं पर नजर डालनी होगी। राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) के हाल के विवादों और प्रबंधन से जुड़े मुद्दों ने निश्चित रूप से राज्य के क्रिकेट पर असर डाला है।

पिछले कुछ वर्षों में RCA में आंतरिक कलह, नेतृत्व के झगड़े और प्रशासनिक अस्थिरता की खबरें सामने आई हैं। उदाहरण के लिए, 2013 में ललित मोदी और उनके विरोधियों के बीच टकराव ने संगठन को दो खेमों में बांट दिया था, जिसका असर खिलाड़ियों के चयन और विकास पर पड़ा।

हाल ही में, फरवरी 2024 में राज्य खेल परिषद द्वारा RCA दफ्तर पर ताला लगाने की घटना ने भी सुर्खियां बटोरीं, जिसे राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में देखा गया। ये विवाद युवा क्रिकेटर्स के लिए अनिश्चितता पैदा करते हैं, क्योंकि संगठन की अस्थिरता सीधे तौर पर ट्रेनिंग, कोचिंग और टूर्नामेंट्स की गुणवत्ता को प्रभावित करती है।

इसके अलावा, संसाधनों की कमी भी एक बड़ी समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उचित सुविधाएं, कोचिंग और एक्सपोजर नहीं मिल पाता। X पर कुछ यूजर्स ने भी इस ओर इशारा किया है कि स्कूलों में भेजी गई खेल सामग्री की गुणवत्ता घटिया है, जिससे बुनियादी स्तर पर खिलाड़ियों का विकास बाधित हो रहा है। साथ ही, चयन प्रक्रिया में कथित तौर पर जातिवाद और पक्षपात की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, जो प्रतिभा को मौका देने के बजाय उसे दबा सकती हैं।

हालांकि, यह कहना कि भविष्य पूरी तरह “चौपट” है, शायद अतिशयोक्ति हो। राजस्थान ने अजिंक्य रहाणे, दीपक हुड्डा और राहुल चाहर जैसे खिलाड़ी दिए हैं, जो राष्ट्रीय और IPL स्तर पर चमके। राज्य में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन RCA को स्थिरता, पारदर्शिता और बेहतर नीतियों की जरूरत है। अगर प्रशासन सुधरे, कोचिंग सिस्टम मजबूत हो और युवाओं को सही मंच मिले, तो राजस्थान के क्रिकेटर्स का भविष्य फिर से उज्ज्वल हो सकता है।

3 महीने में होने चाहिए चुनाव

नीरज कुमार पवन ने कहा- हम यही कोशिश करेंगे कि जो भी सदस्य अब एडहॉक कमेटी में आए। वह अगले तीन महीने में राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के लंबित चुनाव की प्रक्रिया को पूरा करे। ताकि क्रिकेट की जो गतिविधियां है। वह सही ढंग और सुचारू रूप से संचालित की जा सकें।

राजस्थान क्रीड़ा परिषद ने जारी किया नोटिस।

लाखों रुपए गलत तरीके से खर्च करने के आरोप

दरअसल, पिछले दिनों राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी पर खिलाड़ियों के अवॉर्ड फंक्शन के नाम पर लाखों रुपए गलत ढंग से खर्च करने के आरोप लगे थे। राजस्थान क्रीड़ा परिषद ने जारी किया नोटिस।

इसको लेकर काफी जिला संघों के पदाधिकारियों ने खेल मंत्री और खेल विभाग के सचिव तक भी शिकायत की थी। इसमें उन्होंने बताया था कि खिलाड़ियों के पैसे से एडहॉक कमेटी के पदाधिकारी महंगे मोबाइल फोन खरीदने के साथ ही सूट स्टिच करवा रहे हैं।

इसके साथ ही बेवजह लाखों रुपए खर्च कर फाइव स्टार होटल में प्रोग्राम किया जा रहा है। इसके लिए गलत ढंग से एक इवेंट कंपनी को साढ़े सात लाख रुपए में ठेका भी दिया गया है। खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राजस्थान के खेल संघ की वित्तीय ऑडिट करने के आदेश दिए थे।

खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राजस्थान के खेल संघ की वित्तीय ऑडिट करने के आदेश दिए थे।

खेल मंत्री ने किया था ट्वीट

खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ट्वीट कर कहा था कि खेल परिषद को राज्य के सभी खेल निकायों, जिनमें क्रिकेट भी शामिल हैं। ऐसे सभी खेल संघों के लिए एक उच्च स्तरीय शासन प्रणाली लागू करनी चाहिए। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा अपनाई गई नीतियों की तरह राजस्थान में भी खेल संगठनों का संचालन किया जाना चाहिए।

28 मार्च को एडहॉक कमेटी का गठन किया था

राजस्थान सरकार ने आरसीए की कार्यकारिणी को भंग कर सरकार ने 28 मार्च 2024 को एडहॉक कमेटी का गठन किया था। इसे 3 महीने में आरसीए के चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई थी।

लगभग एक साल बाद भी सरकार की ओर से गठित की गई एडहॉक कमेटी आरसीए के चुनाव नहीं करा पाई है। कमेटी में बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी कन्वीनर और धनंजय खींवसर, धर्मवीर सिंह शेखावत, रतन सिंह शेखावत, हरीशचंद्र सिंह और विमल शर्मा ही सदस्य हैं।

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राहुल द्रविड़ व्हीलचेयर पर बैठकर राजस्थानी अंदाज में गुलाबी साफा पहन खेली होली

मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 14 मार्च 2025 | जयपुर : राजस्थान रॉयल्स टीम के खिलाड़ियों और कोच ने जयपुर में होली खेली। प्रैक्टिस कैंप में पहुंचे रॉयल्स के खिलाड़ियों ने मैरियट होटल के गार्डन एरिया में जमकर होली का जश्न मनाया। इस दौरान टीम के चीफ कोच राहुल द्रविड़ व्हीलचेयर पर बैठकर राजस्थानी अंदाज में गुलाबी साफा पहन होली खेलने पहुंचे।

राहुल द्रविड़ व्हीलचेयर पर बैठकर राजस्थानी अंदाज में गुलाबी साफा पहन खेली होली

राहुल द्रविड़ व्हीलचेयर पर बैठकर राजस्थानी अंदाज में गुलाबी साफा पहन खेली होली

इस दौरान सभी खिलाड़ियों ने राजस्थान रॉयल्स के चीफ कोच और मैनेजमेंट के सदस्यों के साथ ग्रुप फोटो भी क्लिक करवाई। खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गुलाल और पानी से रंग दिया।

आईपीएल के पिछले सीजन में शानदार बैटिंग करने वाले रियान पराग धुलंडी के मौके पर एक अलग ही रंग में नजर आए। उन्होंने सबसे पहले खुद को ही गुलाबी रंग लगाया और होली की शुभकामनाएं दी। इसके बाद वह अपने साथी खिलाड़ियों के साथ जमकर डांस और मस्ती करते नजर आए।

खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गुलाल और पानी से रंग दिया।

सभी खिलाड़ियों ने साथ में फोटो खिंचवाई

होली का जश्न मनाने के दौरान राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज रियान पराग और ध्रुव जुरैल सबसे ज्यादा मस्ती करते नजर आए। दोनों खिलाड़ियों ने टीम के अन्य सदस्यों पर जमकर गुलाल उड़ाया। दोनों ने साथी खिलाड़ियों के साथ बॉलीवुड गानों पर जमकर डांस किया। 

देखिए, खिलाड़ियों की होली की मस्ती की तस्वीरें…

रियान पराग ने खुद को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।

रियान पराग ने खुद को गुलाल लगाकर होली की बधाई दी।

राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों ने गुलाल से होली का जश्न मनाया।

राजस्थान रॉयल्स के खिलाड़ियों ने गुलाल से होली का जश्न मनाया।

राजस्थान के खिलाड़ियों ने मैरियट होटल के गार्डन एरिया में जमकर मस्ती की।

राजस्थान के खिलाड़ियों ने मैरियट होटल के गार्डन एरिया में जमकर मस्ती की।

खिलाड़ी रंग लगाने के साथ एक दूसरे के कपड़े फाड़ते नजर आए।

खिलाड़ी रंग लगाने के साथ एक दूसरे के कपड़े फाड़ते नजर आए।

राहुल द्रविड़ ने व्हीलचेयर पर बैठकर ही खिलाड़ियों के साथ होली खेली।

राहुल द्रविड़ ने व्हीलचेयर पर बैठकर ही खिलाड़ियों के साथ होली खेली।

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