
मूकनायक मीडिया ब्यूरो | 22 अगस्त 2024 | जयपुर : भांकरोटा पुलिस चौकी में हेड कॉन्स्टेबल ने बुधवार को चौकी के अंदर सुसाइड कर लिया। हेड कॉन्स्टेबल के पास एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें तीन पुलिस अधिकारी और एक पत्रकार का नाम लिखा है। चारों को सुसाइड के लिए जिम्मेदार ठहराया है। यही नहीं, तीन एफआईआर का जिक्र भी किया है। लिखा कि इन तीन एफआईआर की जांच सीबीआई से होगी तो कई राज खुलेंगे।
मनुवादी अफसरों से परेशान होकर, हेड कॉन्स्टेबल बाबूलाल बैरवा ने की आत्महत्या
जयपुर कमिश्नरेट के भांकरोटा थाना अंतर्गत आने वाली मुकुंदपुरा रोड स्थित भांकरोटा पुलिस चौकी में एक हैड कांस्टेबल ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सुसाइड करने वाले हैड कांस्टेबल का नाम बाबूलाल बैरवा है जो कि पिछले 27 साल से पुलिस सेवा में था।

आत्महत्या की सूचना दोपहर करीब 12 बजे मिली। सूचना मिलने पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एक पुलिसकर्मी की ओर से पुलिस चौकी में सुसाइड करने का मामला सामान्य नहीं हो सकता। मौके पर एक सुसाइड नोट भी मिला। इस सुसाइड नोट में कुछ पुलिस अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और एक पत्रकार का नाम लिखा था जिन्हें आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया गया। पुलिस अधिकारी मामले की जांच में जुट गए हैं।
भांकरोटा थाने के मालखाने के इंचार्ज हेड कॉन्स्टेबल बाबूलाल बैरवा (50) ने सुबह करीब 11 बजे परिवार, भांकरोटा थाना और अधिकारियों के वॉट्सऐप ग्रुप में सुसाइड नोट शेयर किया। इसके बाद बाबूलाल की तलाश शुरू की गई।
पता चला कि वह मुकुंदपुरा चौकी पर है। यहां शव फंदे से लटका मिला। इस दौरान उनका साला राकेश बैरवा भी चौकी पहुंच चुका था। करीब 12:30 बजे शव नीचे उतारा गया। शव को SMS हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। डीसीपी वेस्ट अमित कुमार ने बताया- हेड कॉन्स्टेबल के पास मिले सुसाइड नोट काे एग्जामिन किया जा रहा है।
जयपुर में परिवार के साथ रहते थे
यह मुकुंदपुरा चौकी है, जिसके अंदर हेड कॉन्स्टेबल का शव फंदे से लटका मिला। बाबूलाल जयपुर में लक्ष्मी विहार वैशाली मार्ग वेस्ट में बेटे, बेटी और पत्नी के साथ रहते थे। एक बेटी की शादी हो चुकी है। घर पर भाई का बेटा भी रहता है, जो यहां पढ़ाई करता है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम लिखा सुसाइड नोट
मृतक हैड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा ने लंबा चौड़ा सुसाइड नोट लिखा। यह सुसाइड नोट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम लिखा गया। मुख्यमंत्री के नाम लिखे गए इस सुसाइड नोट में एडिशनल एसपी जगदीश व्यास, एसीपी अनिल शर्मा, सब इंस्पेक्टर आशुतोष सिंह और एक पत्रकार कमल देगड़ा का नाम लिखा गया है।
इन चारों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया गया। सुसाइड नोट में एडिशनल एसपी और एसीपी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने झूठे मामलों में फंसाकर सस्पेंड करा दिया। थाने में दर्ज तीन प्रकरणों में आरोपियों से लाखों रुपए वसूल कर छोड़ने का आरोप भी लगाया गया है। इस सुसाइड नोट में डीजीपी से गुहार की गई है कि मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए।
आगे देखिए छह पन्नों का सुसाइड नोट…
लिखा- मुझे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज करें
हेड कॉन्स्टेबल ने सरकार और अधिकारियों के नाम 6 पेज का नोट लिखा। इसमें एडिशनल डीसीपी वेस्ट हेड क्वार्टर जगदीश व्यास, एसीपी अनिल शर्मा, एसआई आशुतोष और पत्रकार कमल देगड़ा का नाम लिखा है। साथ ही लिखा कि इनके खिलाफ उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मुकदमा दर्ज करें।
पुलिस अफसरों पर लगाया संगीन आरोप
मृतक हैड कांस्टेबल बाबूलाल बैरवा ने भांकरोटा थाने में दर्ज तीन मुकदमों का जिक्र अपने सुसाइड नोट में किया है। उन मामलों में लाखों रुपए लेकर आरोपियों को बचाने के आरोप लगाए गए। उन मामलों की जांच कराने की मांग की गई है। बैरवा ने यह भी आरोप लगाया कि एसीपी अनिल शर्मा और अन्य अधिकारियों ने उसे बेवजह प्रताड़ित किया।
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पिछले 11 महीने तक प्रताड़ना झेली लेकिन अब उसमें जीने की हिम्मत नहीं बची है। परेशान होकर उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने की बात लिखी है। सुसाइड से पहले 6 पेज का सुसाइड नोट बाबूलाल ने अपने फेसबुक पेज पर अपलोड किया था। बाद में हटा दिया और सोशल मीडिया के जरिए परिचितों को भेज दिया। 6 पेज के इस सुसाइड नोट में 200 से ज्यादा लाइनें लिखी गई है।